भोपाल : प्रदेश में सुलभ और त्वरित राजस्व प्रशासन के लिये शनिवार, 16 फरवरी को संभाग, जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर पर एक साथ राजस्व अदालतें आयोजित की जाएंगी। इसके लिये आवश्यक तैयारियाँ शुरू हो गयी हैं। राजस्व मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने राज्य सरकार के वचन-पत्र में किये वादे के अनुरूप प्रदेश में राजस्व अदालत आयोजित करने की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है।
राजस्व लोक अदालतों में निराकरण के लिये लगभग ढाई लाख राजस्व प्रकरण चिन्हित किये गये हैं। राजस्व लोक अदालत के संबंध में समस्त कमिश्नर्स, कलेक्टर्स को विस्तृत निर्देश भेजे गये हैं। राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि नागरिकों की राजस्व संबंधी लंबित समस्याओं को सुलझाने की दिशा में लोक अदालतें कारगर सिद्ध होंगी।
राजस्व लोक अदालत एवं राजस्व विभाग की प्रमुख जन-हितैषी कार्यवाहियाँ
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डायवर्जन समाप्त कर आवश्यक होगा मात्र पुन-र्निर्धारण ।
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ई-बस्ता परियोजना अगस्त-2019 से प्रभावशील करने की पहल
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समय-सीमा में सम्पन्न होगी सीमांकन प्रक्रिया ।
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रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण/बँटवारा की प्रक्रिया प्रारंभ।
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नामांतरण, सीमांकन, बँटवारा-ऑनलाइन करने की तैयारी।
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चालू खसरा, खतौनी (बी-1) एवं नक्शा की नकल तत्काल देने की व्यवस्था।
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तीन संयुक्त अनुविभाग अधिकारी कार्यालय, 7 अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, 27 संयुक्त तहसील कार्यालय एवं 75 उप तहसील कार्यालय के लिये 245 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान।
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लगभग 8 हजार नये पटवारियों द्वारा कार्य प्रारंभ।





