भोपाल : मध्यप्रदेश में राज्य सरकार की ओर से घोषित किसान कर्जमाफी और किसान पेंशन योजना लागू होने का अभी इंतजार है, लेकिन शुक्रवार को अंतरिम बजट में केंद्र की मोदी सरकार ने किसान, कर्मचारी वर्ग और रियल एस्टेट सेक्टर को राहत की घोषणा करते हुए लोकसभा चुनाव के पहले बड़ा दांव खेला है। बजट घोषणा के अनुसार देश में पांच एकड़ से कम जमीन वाले कुल 12 करोड़ किसानों के खाते में हर साल 6,000 रुपए आने हैं। मप्र में इस श्रेणी के करीब 60 लाख किसान हैं। उनके खाते में हर साल सीधे 3600 करोड़ आएंगे। इसके अलावा करीब 18 लाख लोगों को अगले साल आयकर रिटर्न भरने से राहत मिली है। उन्हें 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। भोपाल स्थित आयकर विभाग के मुताबिक प्रदेश में कुल 36 लाख आयकरदाता पंजीकृत हैं।
सीएम बोले- बजट भी जुमला साबित होगा
आम बजट छलावा है। यह एक जुमला साबित होगा। किसानों को कर्ज से उबारने, युवाओं को रोजगार देने और नोटबंदी व जीएसटी से तबाह व्यापारियों को राहत प्रदान करने के लिए बजट में कुछ नहीं है। किसानों के लिए घोषित राशि ऊंट के मुंह में जीरा है। –कमलनाथ, मुख्यमंत्री





