पीएम मोदी ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे से 9 मिनट तक घर की लाइट बंद करने की अपील की है। उन्होंने दीया, मोमबत्ती, टॉर्च या मोबाइल की सेल्फी ऑन करने की अपील की है, ताकि कोरोनावायरस (Coronavirus) को हराने की देश की एकता और मजबूत हो। पीएम ने कहा कि ऐसा करने से संदेश जाएगा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम अकेले नहीं हैं। सभी साथ हैं। अब सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि एक साथ लाइट बंद करने से इलेक्ट्रिकल ग्रिड क्रैश हो सकती हैं।
कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने उत्तर प्रदेश के पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एक चिट्ठी शेयर करते हुए लिखा, ‘रविवार रात 9 बजे रात में बिजली की मांग में अप्रत्याशित कमी हो जाएगी और फिर 9.09 बजे अचानक बहुत बढ़ जाएगी। इस कारण इलेक्ट्रिकल ग्रिड कैश कर सकते हैं। इसलिए इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स रात 8 बजे से ही बिजली काटने और 9.09 बजे वापस देने की सोच रहे हैं’। थरूर ने पीएम पर तंज कसते हुए लिखा , ‘प्रधानमंत्री ने एक और चीज पर विचार नहीं किया।’
An unprecedented drop in electricity demand at 9pm Sunday &an immediate surge at 9.09 pm could cause the electrical grid to crash. So Electricity Boards are contemplating load shedding from 8 pm & staggered return to normal after 9.09pm. One more thing the PM didn’t think about! pic.twitter.com/zbmcyYm838
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 4, 2020
क्या है सच्चाई
- इस दावे की पड़ताल शुरू की तो हमें न्यूज एजेंसी एएनआई का ट्वीट मिला। इसमें मिनिस्ट्री ऑफ पावर के हवाले से लिखा गया है,’पीएम ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे से 9.09 बजे के बीच स्वेच्छा से लाइट बंद करने की अपील की है। कुछ आशंकाएं व्यक्त की गई हैं कि इससे ग्रिड और वॉल्टेज में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जो बिजली के उपकरणों को नुकसना पहुंचा सकता है। ऐसी आशंकाएं गलत हैं।’
- मिनिस्ट्री ऑफ पावर के मुताबिक, पीएम ने सिर्फ लाइट बंद करने की अपील की है। स्ट्रीट लाइट और कम्प्यूटर, टीवी, फैन, रेफ्रीजिरेटर और एयर कंडीशनर को बंद करने की अपील नहीं की गई। वहीं अस्पतालों के साथ ही सभी जरूरी सुविधा वाली जगहों जैसे, पब्लिक यूटिलिटी, निगम सेवाएं, कार्यालय, पुलिस स्टेशन आदि की लाइटें चालू रहेंगी। पीएम ने सिर्फ घरों की लाइट बंद करने की अपील की है।

- मिनिस्ट्री ऑफ पावर के सेक्रेटरी संजीव नंदन सहाय द्वारा जारी प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया गया है कि, नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर ने ग्रिड बैलेंसिंग की प्रक्रियाओं को लेकर वर्कआउट कर लिया है। सभी रीजनल और स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर्स को अलग-अलग इसकी जानकारी दी जाएगी। स्ट्रीट लाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज को बंद करने की अपील नहीं की गई है। लोग किसी तरह की चिंता न करें और लाइटें बंद करने के दौरान भी इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज ऑन रखें। सेक्रेटरी ने स्थानीय निकायों को भी स्ट्रीटलाइट्स बंद न करने सलाह दी है ताकि लॉ एंड ऑर्डर में किसी तरह की समस्या पैदा न हो।
#Covid19 के विरूद्ध एकजुटता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री @narendramodi ने कल यानी रविवार को #9Baje9Minutes के लिए अपनी घरों की लाइट बंद करने का आह्वान किया है
यह काम स्वेच्छा से करना है और इस संबंध में आपको किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी और न ही किसी अन्य व्यवस्था को रोकना है https://t.co/UYSUSfUxE6
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) April 4, 2020
- पड़ताल के दौरान हमें टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा 3 अप्रैल को प्रकाशित रिपोर्ट भी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, पावर मिनिस्टर आरके सिंह ने शुक्रवार को ग्रिड ऑपरेटर पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन (POSOCO) और पावर ग्रिड के अधिकारियों के साथ ग्रिड स्टेबिलिटी को सुनिश्चित करने के लिए रीव्यू किया। लाइट बंद होने के दौरान महज 15 गीगावाट या देश की कुल क्षमता की 4% से भी कम मांग घटने की उम्मीद है।
- हमें इंफोसिस के पूर्व डायरेक्टर और अक्षय पात्र के संस्थापक मोहन दास पई का ट्वीट मिला। इसमें उन्होंने लिखा, ‘यह अनाड़ी सांसद अचानक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट बन गए हैं। घरेलू बिजली खपत का सिर्फ 20-25% हिस्सा ही लाइटिंग का है, जबकि घरेलू खपत ही कुल बिजली खपत का महज 15 से 20% है, अधिकतर कमर्शियल पहले से ही बंद हैं और घरों में एलईडी लाइट लगी हैं, जो बहुत कम उर्जा खर्च करती हैं।’




