भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को इजराइल के साथ 100 से ज्यादा स्पाइस बम खरीदने की डील साइन की है. 300 करोड़ रुपेय की लागत से इजराइल से ये बम खरीदे जाएंगे. 26 फरवरी को बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के दौरान इन्हीं बमों का इस्तेमाल किया गया था. इस करार के बाद अत्याधुनिक स्पाइस बमों की खेप इजराइल अगले तीन महीनों में भारत को सौंपेगा. इस डील के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ जाएगी.
स्पाइस बमों की खासियत है कि इनसे बेहद सटीक निशाना लगाकर दुश्मन को नेस्तनाबूद किया जा सकता है. स्पाइस बम 2000 बंकरों को आसानी से नष्ट कर सकता है. जिन बमों को खरीदने की योजना बनाई जा रही है, वह वॉरहेड का इस्तेमाल कर आसानी से बिल्डिंग को नष्ट कर सकता है. कुछ साल पहले भारत ने इजराइल से स्पाइस-2000 स्मार्ट बम की करीब 200 यूनिट खरीदी थीं. रिपोर्ट्स की मानें तो सुखोई-30 के साथ पहले ही इन बमों का ट्रायल हो गया है.
“India signs deal with Israel to procure 100 SPICE bombs
Spice-2000 bombs were used by IAF’s Mirage-2000 fighter jets in the airstrikes on Jaish-e-Mohammad terror camp at Balakot in Pakistan.”
via @ANI https://t.co/RB9W44K3yK
— Amrita Bhinder (@amritabhinder) June 6, 2019
जैश के आतंकियों को खत्म करने के लिए स्पाइस 2000 बम का बालाकोट में इस्तेमाल किया गया था क्योंकि आतंकी बिल्डिंग के अंदर छिपे थे. यह बम पहले छेद करता है और फिर बिल्डिंग के अंदर दाखिल होता है. खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि करीब 300 जैश आतंकी एक दिन पहले (26 फरवरी) बिल्डिंग में छुपे थे, जिसके बाद इस बम का इस्तेमाल करने का फैसला किया गया था.
स्पाइस बम एक सटीक निर्देशित बम है जो एक जीपीएस गाइडेंस किट के साथ लगाया जाता है, जो हवा में गिरने वाले अनप्लग्ड बमों को सटीक रूप से लॉन्च करने के लिए होता है. भारतीय वायुसेना ने आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप पर छह बम गिराए थे. यह ट्रेनिंग कैंप पाकिस्तान के बालाकोट के पख्तूनवा इलाके में स्थित थे.




