केरल में जानलेवा निपाह वायरस ने एक बार फिर वहां लोगों को मौत से दो दो हाथ करने पर मजबूर कर दिया है. इस वायरस को लेकर केरल में पूरा स्वास्थ्य महकमा हाई अलर्ट पर है. हर दिन निपाह वायरस की चपेट में लोगों के आने का सिलसिला जारी है. बुधवार को एक 23 साल के छात्र में निपाह वायरस के लक्षण पाए गए जिसके बाद इसका इलाज किया जा रहा है.
Kerala Health Minister, K K Shailaja Teacher: 7 patients are admitted to hospital, one patient’s result is positive for Nipah virus. 6 patients’ results are negative. No one has been discharged from isolation ward. Source of virus is not confirmed yet. pic.twitter.com/R42O1BkqzF
— ANI (@ANI) June 6, 2019
केरल में निपाह वायरस से पीड़ित होने की आशंका में स्वास्थ्य विभाग ने 314 लोगों को अपनी देखरेख में रखा है और उनकी हर स्वास्थ्य गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. बता दें कि बीते साल इसी निपाह वायरस ने केरल में 10 लोगों की जान ले ली थी. राज्य में स्थिति खराब होने से पहले ही केंद्र सरकार ने भी 6 सदस्यों की एक टीम को केरल भेज दिया है जो इस वायरस से फैलने वाली बीमारी पर पैनी नजर बनाए हुए है. केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामला नियंत्रण में है. सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है.
सबसे पहले इस वायरस का पता साल 1998 में मलेशिया में चला था. उस वक्त इस बीमारी को इंसानों तक पहुंचाने का जरिया सूअर बने थे. हालांकि बाद में इस तर्क को नकार दिया गया था कि इस वायरस को ले जाने वाला कोई माध्यम है. साल 2004 में बांग्लादेश में इस वायरस की फिर पहचान हुई और जो इनसे पीड़ित थे उन्होंने खजूर के पेड़ से निकलने वाले एक तरल (लिक्विड) को चखा था. बाद में पता चला कि इस वायरस को उस पेड़ तक चमगादड़ लेकर आया.जिन्हें फ्रूट बैट कहा जाता है. तभी से चमगादड़ को इस वायरस का वाहक माना जाने लगा है.
Samples of six persons under observation tests negative for Nipah https://t.co/QVnnQR8cmu #Virus #Nipah pic.twitter.com/uNrklumRs2
— Mathrubhumi (@mathrubhumi) June 6, 2019
इस वायरस के प्रकोप से दिमागी बुखार होता है और संक्रमण तेजी से पूरे शरीर में फैलता है. इसका वायरस इतना खतरनाक होता है कि अगर किसी स्वस्थ आदमी के शरीर में चला जाए तो सिर्फ 48 घंटे के भीतर उसे कोमा में पहुंचा सकता है. इसकी चपेट में आने के बाद जो रोगी में सबसे प्रमुख लक्षण दिखता है वो है सांस लेने में दिक्कत के साथ सिर में भयानक दर्द और तेज बुखार. अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ होता है तो इसे नजरंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
Kerala’s health minister has confirmed that a man has tested positive for #NipahVirus.
Here’s all you need to know about the virus that claimed 17 lives in Kerala last year: https://t.co/hO2YACEHWg pic.twitter.com/uoJx1SiKDp
— The Indian Express (@IndianExpress) June 4, 2019
निपाह जैसे खतरनाक वायरस से बचने के लिए अभी तक कोई दवा या टीका आधिकारिक तौर पर नहीं आया है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार साफ सुथरा रहकर और कोई भी खाद्य पदार्थ खाने से पहले उसे अच्छी तरह साफ कर पका के खाने से दिमाग को क्षति पहुंचाने वाले इस वायरस से बचा जा सकता है.
खजूर और आम से है सबसे खतरा
केरल से सबसे ज्यादा खजूर और आम का एक्सपोर्ट होता है. केरल से खजूर और आम की खास बात यह है कि ये सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरे देश में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. वायरस के फलों में फैलने से यह कहना मुश्किल होता है कि किस फल को न खाया जाए. लेकिन, खजूर में यह सबसे ज्यादा हो सकता है. दूसरा केले और आम केरल से मंगाए जाते हैं. इसलिए गर्मियों के मौसम में आप भी आम खाने का विचार कर रहे हैं तो पहले उसको अच्छी तरह से धो लीजिए और इस बात को जांच लीजिए कि आम कहीं से खाया हुआ ना हो.
क्या हैं निपाह (NiV) के लक्षण
मनुष्यों में निपाह वायरस, encephalitis से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है. बुखार, सिरदर्द, चक्कर, मानसिक भ्रम, कोमा और आखिर में मौत, इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं. 24-28 घंटे में यदि लक्षण बढ़ जाए तो इंसान को कोमा में जाना पड़ सकता है. कुछ केस में रोगी को सांस संबंधित समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है.





